
हल्द्वानी शुद्धिकरण मामला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अब इसको लेकर वीडियो जारी किया है। जिसमें वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी पर स्वाल उठा रहे हैं। खड़गे ने कहा कि अगर मोदी दलित होते और उनके साथ ऐसा कुछ होता तो क्या तब भी वो ऐसे ही चुप रहते? इससे पहले बता दें कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर एफआईआर की भी मांग की थी।
शुद्धिकरण मामले में खड़गे ने नड्डा को पत्र में क्या लिखा?
दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा है। इसकी जानकारी उन्होंने X पोस्ट कर दी।

जिसमें उन्होंने लिखा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी में उनकी जनसभा के बाद रामलीला मैदान के मंच का शुद्धिकरण कराया गया। घटना के 24 दिन बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ FIR तक दर्ज नहीं किए जाने की बात कही। ऐसे में उन्होंने नड्डा से राज्यसभा में दिए अपने आश्वासन के आधार पर इस मामले में FIR दर्ज कराने की मांग की।


खड़गे ने कहा- ‘शुद्धिकरण पर मोदी-शाह दोनों चुप…’
शुद्धिकरण मामले पर बात करते हुए खड़गे ने वीडियो जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि इस मामले में मोदी साहब चुप क्यों हैं? उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वो दलित होते और उसके साथ ऐसा कुछ होता तो क्या वो तब भी चुप बैठते? अमित शाह वो भी चुप हैं। उनका काम है लॉ एंड ऑर्डर इंप्लीमेंट करना, वो भी चुप हैं।
खड़गे ने कहा कि देश में हो रही बुरी चीजों पर कोई कुछ नहीं बोलता। राम मंदिर पर बात नहीं करना, दलितों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है, उसपर भी कोई बात नहीं कर रहा। जब तक वो बोलते नहीं तब तक दूसरे लोग भी इसको लेकर कुछ नहीं बोलते उनकी सरकार और उनकी पार्टी में।
13 अगस्त को राज्यसभा में उठाया था मुद्दा
आपको बता दें कि 13 अगस्त को ये मामला खड़गे ने राज्यसभा में भी उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि हल्द्वानी में उनके भाषण के बाद बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने हवन कर मंच का शुद्धिकरण किया था। उनके खुद को अनुसूचित जाति का बताकर इसे आपत्तिजनक घटना बताई थी। साथ ही अनटचेबिलिटी एक्ट के तहत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी।

नड्डा ने राज्यसभा में की थी घटना की निंदा
नड्डा ने इस घटना की कड़ी निंदा की थी। साथ ही बताया था कि बीजेपी ऐसी किसी गतिविधि का समर्थन नहीं करती। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया था कि इसकी गहराई से जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई भी होगी।


