






हल्दूचौड़ (उत्तराखंड):
क्षेत्र के हल्दूचौड़ गौला गेट पर तीन दिवसीय गणेश महोत्सव का शुभारंभ अत्यंत धार्मिक और भक्तिमय माहौल में हुआ। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी आयोजित हो रहे इस महोत्सव में भगवान श्री गणेश की प्रतिमा की स्थापना वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ की गई।
वैदिक रीति-रिवाज से हुई प्राण प्रतिष्ठा
कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित मुकेश पाठक द्वारा कराए गए वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। मुख्य यजमान श्रीमती गीता खोलिया एवं धर्मानंद खोलिया ने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गणेश मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई और तीन दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान की विधिवत शुरुआत की।
देशभर में गणेश महोत्सव की धूम
वर्तमान समय में देश के कोने-कोने में गणेश महोत्सव की भारी धूम मची हुई है। श्रद्धालु जगह-जगह मंडपों में भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं स्थापित कर उनकी विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
गणेश चतुर्थी और अनंत चतुर्दशी का धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार, भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी (गणेश चतुर्थी) के दिन भगवान श्री गणेश का धरती पर प्राकट्य हुआ था। भगवान गणेश अनंत चतुर्दशी तक पृथ्वी पर ही निवास करते हैं और अपने भक्तों के सभी दुखों व विघ्नों का हरण करते हैं। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य या पूजा-अर्चना में भगवान गणेश को ‘प्रथम पूज्य देवता’ का स्थान प्राप्त है, इसलिए किसी भी अनुष्ठान से पहले उनका ही आह्वान और पूजन किया जाता है।
गौला गेट पर आयोजित इस तीन दिवसीय गणेश महोत्सव में आगामी दिनों में प्रतिदिन विशेष आरती, भजन-कीर्तन क्षेत्र के नन्हे बाल कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रोग्राम किए जाएंगेऔर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसको लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय ग्रामीण के अलावा कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित है।


