
नैनीताल स्थित राज्य अतिथि गृह (नैनीताल क्लब) में तैनात संविदा बिजली तकनीशियन की करंट लगने और पोल से गिरने के कारण दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान रुद्रपुर निवासी 31 वर्षीय महेंद्र सिंह पुत्र बनवारी लाल के रूप में हुई है। हादसे के बाद लोक निर्माण विभाग और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार महेंद्र सिंह पिछले करीब एक वर्ष से ठेकेदारी प्रथा के तहत नैनीताल क्लब में बिजली तकनीशियन के रूप में सेवाएं दे रहे थे। रविवार शाम से राज्य अतिथि गृह की चहारदीवारी की बिजली लाइन ठप थी। सोमवार सुबह करीब 11 बजे वह खराबी ठीक करने के लिए बिजली के पोल पर चढ़े। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए और संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर पड़े।
हादसे के तुरंत बाद सहकर्मी सुरेश फुलारा और अन्य लोगों ने उन्हें बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक डॉ. यति उप्रेती ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कोतवाली प्रभारी राजेंद्र रावत ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कर्मचारी अपना कार्य पूरा कर चुका था और शटडाउन खोलने का अनुरोध भी कर दिया था। इसी दौरान वह अचानक नीचे गिर गया, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोट लगी। मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
प्रत्यक्षदर्शी सुरेश फुलारा ने बताया कि हादसे के समय महेंद्र सिंह ने सुरक्षा दस्ताने नहीं पहने थे। शुरुआती जानकारी में सुरक्षा उपकरणों की कमी या उनका उपयोग न किए जाने की बात सामने आई है, जिसे हादसे का एक अहम कारण माना जा रहा है।
घटना के बाद लोक निर्माण विभाग ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है। जूनियर इंजीनियर चारु चंद्र पंत मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं, एसडीएम नवाजिश खलिक ने कहा कि बिजली जैसे जोखिम भरे कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों हुई, इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। संबंधित विभाग और ठेकेदार से कर्मचारियों को उपलब्ध कराए गए सुरक्षा उपकरणों की जानकारी और रिपोर्ट भी तलब की गई है।
हादसे की सूचना मिलते ही शाम को महेंद्र सिंह के परिजन रुद्रपुर से नैनीताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। इस घटना के बाद संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं


