
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर लालकुआं में रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा देखने को मिला। हाट बाजार स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में राजस्व गांव की मांग को लेकर वक्ताओं ने अपनी बात रखी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया है कि बिंदुखत्ता के लोग उनके परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी खत्तों में रहने वाले लोगों को भी सरकार अपने परिवार की तरह मानती है। सरकार का प्रयास है कि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
कैड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में बिंदुखत्ता के मामले को रखने की बात कही है। इससे कैबिनेट स्तर पर इस मुद्दे के समाधान की संभावनाओं पर चर्चा हो सकेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन और टकराव के बजाय संवाद के माध्यम से रास्ता निकालना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि बिंदुखत्ता के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत भी कराई गई है। मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया कि बिंदुखत्ता अब एक गांव का स्वरूप ले चुका है और यहां लोग तीन पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं। ऐसे में आने वाली चौथी पीढ़ी को भी इसी समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए समाधान जरूरी है।
विधायक को लेकर मंच से आपत्तिजनक टिप्पणी पर भी उठे सवाल
इधर, लालकुआं हाट बाजार स्थल पर राजस्व गांव की मांग को लेकर जुटे ग्रामीणों के बीच कुछ वक्ताओं के संबोधन में स्थानीय विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट को लेकर तीखे तेवर भी देखने को मिले। मंच से विधायक के लिए कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिसको लेकर बाद में नाराजगी सामने आई।नाराज लोगों का कहना था कि राजस्व गांव की मांग क्षेत्र की जनता से जुड़ा गंभीर और लंबे समय से लंबित मुद्दा है। ऐसे मुद्दे को व्यक्तिगत टिप्पणियों और अमर्यादित भाषा से अलग रखते हुए उठाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध और असहमति दर्ज कराने का सभी को अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर जनप्रतिनिधियों के प्रति भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है।
राजस्व ग्राम की मांग को लेकर लालकुआं-बिंदुखत्ता क्षेत्र में चल रही गतिविधियों के बीच अब मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत और कैबिनेट में मुद्दा रखे जाने की बात से आगे की प्रक्रिया को लेकर लोगों की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।


