


हल्द्वानी, 26 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग को लेकर हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में चल रहा आंदोलन सोमवार को नौवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को समर्थन देते हुए पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत अनशन पर बैठ गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित नहीं हो जाती।
हरीश रावत ने राष्ट्रीय राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय पार्टियों ने राजधानी के मुद्दे को फुटबॉल बनाकर रख दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बारी-बारी से सत्ता में आने वाली पार्टियां एक-दूसरे के पाले में गेंद डालकर राजधानी के सवाल को टालती रही हैं, जिससे पहाड़ की जनता को निराशा हाथ लगी है।
बुद्ध पार्क में होगी ‘जनता कैबिनेट’ की बैठक
हरीश रावत ने घोषणा की कि मंगलवार, 27 अक्टूबर को 12 बजे हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में ‘जनता कैबिनेट’ की बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बैठक में मुख्यमंत्री, सभी मंत्री, विधायक, मुख्य सचिव और विधानसभा सचिव की मौजूदगी में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें पारित करने की पहल की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बैठक में स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने का प्रस्ताव पारित कर विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजने की बात रखी जाएगी। इस आयोजन को राज्य की राजधानी के मुद्दे पर जनता की आवाज बुलंद करने की पहल बताया गया है।
‘प्रण से प्राण तक, संकल्प से लक्ष्य तक संघर्ष जारी रहेगा’
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व आईएएस अधिकारी विनोद प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों की राजधानी गैरसैंण के लिए वे संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “प्रण से प्राण तक, संकल्प से लक्ष्य तक हम उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनवाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे।”
रतूड़ी ने प्रदेश की जनता से अपील की कि वह मंगलवार को बुद्ध पार्क में आयोजित होने वाली ‘जनता कैबिनेट’ की बैठक में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर राजधानी आंदोलन को समर्थन दे।
आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे पंडित मोहन कांडपाल जिला अध्यक्ष फौजी राजेंद्र कांडपाल प्रेमा मेरे ने कहा राज्य आंदोलनकारियो की शहादत को हम बेकार नहीं जाने देंगे एक बार फिर पहाड़ को एकजुट होने की आवश्यकता है इस दौरान गोपाल दत्त कुमोड़ी, कार्तिक उपाध्याय,अंजू पांडेय, कविता जीना, देवेंद्र सालाकोटी, चतुर सिंह नेगी,आनंद सिंह कन्याल,कमलेश खंडूरी,मोहन चंद्र पाटनी,हेम चंद्र शर्मा, संजय बिष्ट खीमेश पनेरू, नीमा भट्ट, रमा पांडेय, हरेंद्र बोरा,
आंदोलनकारियों का कहना है कि उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। अब सभी की निगाहें 27 अक्टूबर को बुद्ध पार्क में होने वाली ‘जनता कैबिनेट’ की बैठक पर टिकी हैं।


