
खटीमा। सुरई रेंज के बग्घा चौवन जंगल में मवेशी चराने गए एक वृद्ध को बाघ ने अपना शिकार बना लिया। घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है, वहीं वन विभाग ने मौके पर बाघ के पगचिन्ह मिलने की पुष्टि की है।
जानकारी के अनुसार बग्घा चकरपुर लाइन निवासी शेर सिंह कन्याल (73) पुत्र हरक सिंह रविवार सुबह करीब दस बजे मवेशियों को चराने सुरई रेंज के जंगल स्थित कम्पार्ट संख्या बग्घा-55 में गए थे। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी खोजबीन शुरू की। तलाशी के दौरान उनकी जैकेट झाड़ियों में पड़ी मिली, जिससे अनहोनी की आशंका गहरा गई।
ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया। देर रात करीब नौ बजे झाड़ियों में शेर सिंह का शव बरामद हुआ। सूचना पर सुरई रेंज के वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह मनराल वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। झनकईया पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। वन विभाग की जांच में मौके पर बाघ के पगचिन्ह मिले, जिससे बाघ के हमले में मौत की पुष्टि हुई।
सोमवार को डीएफओ हिमांशु बागरी और एसडीओ संचिता वर्मा ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया और मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। क्षेत्रीय विधायक भुवन कापड़ी ने भी शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया।
झनकईया थाने के एसआई गिरीश चंद्र पंत ने पंचनामा भरने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी बसंती देवी, चार विवाहित पुत्रियां—बबीता, राधा, हीरा और पुष्पा—तथा एक पुत्र होशियार सिंह को छोड़ गए हैं। होशियार सिंह रुद्रपुर सिडकुल की एक निजी फैक्ट्री में कार्यरत हैं।
वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह मनराल ने बताया कि मृतक के परिजनों को नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से जंगल की ओर न जाने, विशेषकर रात के समय अकेले आवागमन से बचने और सतर्कता बरतने की अपील की है।
घटना के बाद से बग्घा चौवन क्षेत्र में भय का माहौल है। वृद्ध की दर्दनाक मौत से गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है


