उत्तराखंड- यहाँ तेंदुए ने 10 साल के बच्चे को बनाया निवाला, घर से 200 मीटर दूर मिला शव

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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट क्षेत्र में तेंदुए के हमले में 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। शनिवार शाम घर के पास खेल रहे बच्चे को तेंदुआ उठाकर ले गया। ग्रामीणों ने तलाश की तो घर से करीब 200 मीटर दूर उसका शव पड़ा मिला। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार की सक्रियता पर अंकुश लगाने और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार, गंगोलीहाट के खेतीगांव में शनिवार शाम करीब पांच बजे प्रियांशु पुत्र भगवान राम घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया और उसे उठाकर ले गया। बच्चे के लापता होने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की और तेंदुए का पीछा किया। इस दौरान घर से करीब 200 मीटर दूर प्रियांशु का शव बरामद हुआ।

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सूचना पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम वन दरोगा देवेंद्र सिंह महरा के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। टीम में अजय पल्याल, मनीषा, लक्ष्मी लुंठी और दीवान सिंह शामिल रहे। वहीं, कोतवाली पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। बच्चे के शव का पोस्टमार्टम रविवार को किए जाने की जानकारी दी गई है।

लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय है गुलदार

ग्राम प्रधान दान सिंह मेहता ने बताया कि खेतीगांव और आसपास के क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई है। इसके चलते ग्रामीणों में पहले से ही भय का माहौल है। उन्होंने बताया कि 25 सितंबर को आयोजित जनता दरबार में जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर क्षेत्र को गुलदार के आतंक से निजात दिलाने के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई थी।

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ताजा घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है। ग्राम प्रधान ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा देने के साथ ही गुलदार की निगरानी बढ़ाने और क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम करने की मांग की है।

मासूम की मौत से परिवार में मचा कोहराम

प्रियांशु की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक का एक बड़ा भाई है। उसके पिता नारायण राम राजमिस्त्री का काम करते हैं। मासूम की मौत के बाद माता-पिता, भाई और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से पूरे गांव में शोक पसरा हुआ है।

गंगोलीहाट और बेरीनाग में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले

गंगोलीहाट और बेरीनाग क्षेत्र में पहले भी गुलदार के हमलों में बच्चों की जान जा चुकी है। वर्ष 2018 में गंगोलीहाट तहसील मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर पोखरी गांव में दिल्ली से शादी समारोह में शामिल होने आ रहे पांच वर्षीय कार्तिक को तेंदुआ रास्ते से उठा ले गया था।

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नवंबर 2019 में गंगोलीहाट के सौली गांव में घर के आंगन में खेल रहे पांच वर्षीय बच्चे पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। बाद में घर से कुछ दूरी पर उसका शव मिला था। वहीं, अक्टूबर 2023 में गंगोलीहाट क्षेत्र में दिनदहाड़े गुलदार ने एक बच्चे पर हमला किया था। इस घटना में भी अस्पताल पहुंचने से पहले बच्चे की मौत हो गई थी।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच खेतीगांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने की मांग की है

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