
6.93 लाख से बढ़कर 6.97 लाख पहुंची मतदाताओं की संख्या, कालाढूंगी में सबसे अधिक बढ़ोतरी, लालकुआं में घटे वोटर
हल्द्वानी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद उत्तराखंड में शनिवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया। इसके साथ ही नैनीताल जिले में भी मतदाता सूची की तस्वीर साफ हो गई है। निर्वाचन आयोग के विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार जिले में अंतिम मतदाता संख्या 6,97,547 हो गई है। प्रारूप मतदाता सूची में जिले में 6,93,325 मतदाता दर्ज थे। इस तरह अंतिम सूची में जिले के मतदाताओं की संख्या में कुल 4,222 की शुद्ध बढ़ोतरी हुई है।
SIR के दौरान नैनीताल जिले में मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने और विवरण संशोधन के लिए बड़ी संख्या में दावे और आपत्तियां प्राप्त हुईं। निर्वाचन आयोग के उपलब्ध विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के मुताबिक जिले में फॉर्म-6, फॉर्म-6ए और फॉर्म-8 के कुल 13,284 दावे दर्ज हुए, जिनमें से 12,140 दावे स्वीकार किए गए। वहीं नाम हटाने और संबंधित आपत्तियों के तहत 18,904 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 7,918 मामलों में नाम हटाए गए।आंकड़ों के अनुसार नए नाम जुड़ने और नाम हटने के बाद जिले की मतदाता संख्या में कुल 4,222 की वृद्धि हुई है। अंतिम सूची में जिले के तीन लाख 63 हजार 095 पुरुष, तीन लाख 34 हजार 440 महिला और 12 थर्ड जेंडर मतदाता दर्ज हैं।
कालाढूंगी में सबसे ज्यादा बढ़े मतदाता
विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई है। यहां प्रारूप सूची की तुलना में 2,548 मतदाता बढ़े हैं। इसके बाद रामनगर में 1,383 और हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में 1,358 मतदाताओं की वृद्धि हुई है। भीमताल में 340 मतदाता बढ़े हैं।इस तरह जिले में मतदाताओं की संख्या के मामले में कालाढूंगी सबसे आगे है, जबकि नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम मतदाता दर्ज हैं। राज्य में 71.58 लाख मतदाता
SIR के बाद जारी उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज किए गए हैं। राज्य में 14 जुलाई को जारी प्रारूप सूची में 71,33,785 मतदाता थे। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची में 1,29,872 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जबकि 1,04,708 नाम हटाए गए।


