
चंपावत न्यूज़- जनपद चंपावत के गोरलचौड़ मैदान में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही भाला लगने से एक छात्र की मौत हो गई। घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को गोरलचौड़ मैदान में कॉलेज की वार्षिक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होनी थीं। छात्र-छात्राएं और शिक्षक सभी कार्यक्रम की तैयारी में जुटे हुए थे। पहले चरण में 100 मीटर दौड़ की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान मैदान के एक हिस्से में खेल सामग्री, जिसमें भाला भी रखा हुआ था, गोल पोस्ट के पास रखी गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मैदान के प्रेक्षागृह की ओर कुछ बाहरी बच्चे फुटबॉल खेल रहे थे। खेलते-खेलते उनकी गेंद मैदान के बीच आ गई। इसी दौरान इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष का 20 वर्षीय छात्र सोमेंद्र सिंह बोहरा, निवासी रीठा साहिब मछियाड़, गेंद वापस देने के लिए आगे बढ़ा।
इसी बीच कॉलेज के ही एक अन्य छात्र ने पास में रखा भाला उठाकर फेंक दिया, जो दुर्भाग्यवश सोमेंद्र के बाएं कंधे और गर्दन के पास जा लगा। गंभीर रूप से घायल सोमेंद्र मौके पर ही गिर पड़ा। शिक्षकों ने तुरंत भाला निकालकर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम कराया। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. एचएस ह्यांकी ने बताया कि छात्र की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी मनीष कुमार, सीएमओ डॉ. देवेश चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
मृतक सोमेंद्र सिंह बोहरा अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता भूपाल सिंह बोहरा गुजरात में नौकरी करते हैं और घटना की सूचना मिलते ही घर के लिए रवाना हो गए हैं। परिवार में उसकी तीन बहनें हैं। इकलौते बेटे की असमय मौत से मां दीपा बोहरा गहरे सदमे में हैं और कई बार बेहोश हो गईं, जिनका अस्पताल में उपचार कराया गया।
बताया जा रहा है कि सोमेंद्र एक होनहार छात्र था और चंपावत में अपनी मां व बुआ के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। शनिवार सुबह वह खुशी-खुशी खेल प्रतियोगिता में भाग लेने घर से निकला था, लेकिन कुछ ही देर बाद उसके घर में मातम छा गया।
मृतक का अंतिम संस्कार रविवार को उसके पैतृक गांव मछियाड़ में किया जाएगा। घटना के बाद कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।


