उत्तराखंड विधानसभा में पहली बार अपनी ही गलत नियुक्तियों का विरोध करेगा ये मंत्री!

खबर शेयर करें -



उत्तराखंड विधानसभा में इस बार बेहद दिलचस्प नजारा मिल सकता है। संभवत राज्य के इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि कोई मंत्री अपने ही जरिए की गई नियुक्तियों के रद्द होने को सही ठहराएगा।


दरअसल उत्तराखंड के संसदीय कार्यमंत्री हैं प्रेमचंद अग्रवाल। प्रेमचंद अग्रवाल पिछली सरकार में स्पीकर थे। उस दौरान उन्होंने बैकडोर से कई नियुक्तियां कीं। इन नियुक्तियों को लेकर आवाज उठी तो मौजूदा स्पीकर ऋतु खंडूरी ने इन नियुक्तियों को रद्द कर दिया। नैनीताल हाईकोर्ट ने भी इन नियुक्तियों को गलत माना और स्पीकर के फैसले को सही ठहराया।

यह भी पढ़ें -  सीएम धामी के सख्त निर्देश पर यूकेपीएससी में जी/जे ई परीक्षा में हरिद्वार पुलिस की एसआईटी जांच के बाद नौ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज


अब आगे समझिए। आमतौर पर होता ये है कि सदन में संसदीय कार्यमंत्री सरकार का एक ऐसा फेस होता है जो कैबिनेट मंत्री की अनुपस्थिती में अपनी सरकार का बचाव करता है। आमतौर पर सदन में मुख्यमंत्री कम ही जाते हैं। उनका दिन सदन में फिक्स होता है। अगर वो देर से आए या नहीं आए तो संसदीय कार्यमंत्री उनकी जगह मोर्चा संभालते हैं।

यह भी पढ़ें -  इस बार बोर्ड परीक्षा में ये किया बदलाव


अब ये बात सरकार को भी समझ आ रही है और संगठन को भी। दिमाग लगाया जा रहा है कि किया क्या जाए जिससे सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे। लेकिन एक समस्या और है। अगर सदन में संसदीय कार्यमंत्री की नहीं होगा तो सवाल फिर भी उठेंगे। सवाल उठेंगे तो दूर तक तो जाएंगे ही। अब आगे आगे देखते हैं कि होता है क्या।

यह भी पढ़ें -  राज्य में पुलिस की कोच से किया दुष्कर्म, आरोपित था पहले से शादीशुदा


अब ऐसे में होगा ये कि विपक्ष अगर विधानसभा में बैकडोर नियुक्तियों का मसला उठाएगा तो उसका सामना करने के लिए वही शख्स सामने होगा जिसने ये नियुक्तियां की थीं। यानी प्रेमचंद अग्रवाल को बतौर स्पीकर रहते हुए की गई अपनी ही नियुक्तियों को बतौर संसदीय कार्यमंत्री गलत बताना होगा और इसे निरस्त करने के फैसले के लिए विधानसभा और सरकार की सराहना करनी होगी।

Advertisement

लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -

👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पेज लाइक/फॉलो करें

👉 विज्ञापन के लिए संपर्क करें -

👉 +91 94109 39999