
पिथौरागढ़ में आदि कैलाश यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश निवासी तिलक शर्मा की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस साल यात्रा पर आए अब तक तीन श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है।
पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश के एक युवक की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। यात्रा के दौरान युवक को अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगी। आनन-फानन में उसे गुंजी स्थित अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद उसके साथ यात्रा कर रहे दोस्तों में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान तिलक शर्मा पुत्र मनोज शर्मा, निवासी इंदौर, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। तिलक अपने दोस्तों के साथ आदि कैलाश की यात्रा पर आया था। यात्रा के दौरान आदि कैलाश क्षेत्र में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। साथियों ने बिना देरी किए उसे गुंजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
धारचूला लाया गया युवक का शव
गुंजी अस्पताल में मौत के बाद युवक का शव धारचूला लाया गया है। फिलहाल शव को राजकीय चिकित्सालय में रखा गया है। पुलिस की ओर से पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। आगे पढ़िए..
धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि आदि कैलाश यात्रा के दौरान एक यात्री की मौत की सूचना मिली है। पुलिस पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
इस साल अब तक 3 श्रद्धालुओं की मौत
इस वर्ष आदि कैलाश यात्रा पर आए अब तक तीन श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इससे पहले सुधीर नाम के एक श्रद्धालु की यात्रा से लौटते समय धारचूला पहुंचने पर तबीयत बिगड़ गई थी। कुछ ही देर बाद उनकी भी मौत हो गई थी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन और अधिक ऊंचाई के कारण यात्रियों को सांस लेने में परेशानी सहित कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे क्षेत्रों में यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। हालांकि, तिलक शर्मा की मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
कहां स्थित है आदि कैलाश?
आदि कैलाश उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला उपखंड में भारत-तिब्बत सीमा के नजदीक स्थित है। इसे छोटा कैलाश, शिव कैलाश और बाबा कैलाश के नाम से भी जाना जाता है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग 5,945 मीटर बताई जाती है। आदि कैलाश को तिब्बत स्थित मुख्य कैलाश पर्वत की प्रतिकृति माना जाता है। भारत की सीमा में स्थित होने के कारण यहां जाने के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट लेना अनिवार्य है।


