
संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में ‘इंसाफ की दस्तक’ और एनएपीएसआर की ओर से ‘आजादी का पैगाम, इंसानियत के नाम’ मुशायरा एवं कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शायरों और कवियों ने देशभक्ति, इंसानियत, मोहब्बत, अमन और सामाजिक सद्भाव से जुड़े कलाम पेश कर श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।
मुशायरे में गूंजा अमन और भाईचारे का संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्य मंत्री आर.ए. खान ने की, जबकि पूर्व राज्य मंत्री याकूब सिद्दीकी मेहमान-ए-खुसूसी रहे। अंतरराष्ट्रीय शायर अफजल मंगलौरी समेत देशभर से आए शायरों और कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस दौरान समाजसेवा और रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया।
155 बार रक्तदान करने पर डॉ. अनिल वर्मा को किया सम्मानित
डॉ. अनिल वर्मा को 155 बार रक्तदान करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। आयोजक मोहम्मद शाहनजर ने कहा कि इंसानियत केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंद के काम आने में है। वक्ताओं ने कहा कि भारत की ताकत विविधता, साझा संस्कृति और भाईचारे में है।


