
रुड़की: हरिद्वार जिले के रुड़की में दो उप निरीक्षकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों पर एक मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत लेने और अतिरिक्त रकम मांगने के आरोप हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि रकम नहीं देने पर उसके भाई को गोली मारकर जेल भेजने की धमकी दी गई थी।
एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के मुताबिक विभागीय जांच में भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
मामला बागपत जिले के निरपुड़ा गांव निवासी निश्चय राणा की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक 5 जुलाई 2023 को रुड़की की गंगनहर कोतवाली में एक महिला ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें निश्चय राणा के छोटे भाई निवेश राणा को आरोपी बनाया गया था।
निश्चय राणा ने आरोप लगाया कि उस मामले की जांच कर रहे तत्कालीन उप निरीक्षक मनदीप सिंह ने फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर दबाव बनाया और उनसे 3 लाख 50 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद 6 अक्टूबर 2024 को मामले में अंतिम रिपोर्ट भेज दी गई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक बाद में मामले की दोबारा जांच शुरू हुई तो उप निरीक्षक बलवंत पंवार से संपर्क हुआ। आरोप है कि उन्होंने भी फाइनल रिपोर्ट लगाने के लिए पांच लाख रुपये मांगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि रकम नहीं देने पर उनके भाई को गोली मारकर जेल भेजने की धमकी दी गई।
निश्चय राणा ने आरोप लगाया कि भाई की सुरक्षा को लेकर उन्होंने एक लाख रुपये दे दिए। इसके बाद भी चार लाख रुपये और मांगे गए। शिकायत में विवेचना रोकने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने की बात भी कही गई है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 1 जुलाई 2025 को तत्कालीन एसएसपी को ऑडियो-वीडियो समेत अन्य साक्ष्य सौंपे थे। इसके बाद एसपी देहात से मामले की जांच कराई गई। शिकायत के अनुसार जांच में दोनों उप निरीक्षकों के खिलाफ आरोप सही पाए गए।
इसके बावजूद मुकदमा दर्ज होने में करीब 16 महीने लग गए। अब 18 अक्टूबर 2026 को दी गई शिकायत और जांच आख्या के आधार पर दोनों के खिलाफ गंगनहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि दोनों उप निरीक्षकों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा अपराध संख्या 421/2026 दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी


