
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध एवं अनधिकृत भू-विन्यास के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत प्राधिकरण की टीम ने देहरादून के रानीपोखरी क्षेत्र में करीब 150 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृति किए जा रहे भू-विन्यास और विकास कार्यों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
रानीपोखरी में 150 बीघा की प्लॉटिंग पर MDDA की बड़ी कार्रवाई
प्राधिकरण के निरीक्षण में सामने आया कि बड़े भू-भाग पर बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के प्लॉटिंग से जुड़े कार्य किए जा रहे थे। मौके पर सड़क निर्माण और भूमि के सीमांकन का काम भी चल रहा था। MDDA के अधिकारियों के मुताबिक, इन कार्यों के लिए प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी।
MDDA ने चलाया ध्वस्तीकरण अभियान
MDDA के अनुसार, रानीपोखरी क्षेत्र में करीब 150 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के भू-विन्यास किया जा रहा था। इसके साथ ही मौके पर सड़क निर्माण और सीमांकन जैसे विकास कार्य भी किए जा रहे थे। निरीक्षण के दौरान अनधिकृत विकास कार्य पाए जाने के बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और अवैध रूप से किए जा रहे विकास कार्यों को ध्वस्त किया।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत मानचित्र के बिना प्लॉटिंग, सड़क निर्माण, सीमांकन अथवा अन्य किसी भी प्रकार का विकास कार्य नियमानुसार नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
खास बात यह है कि इस स्थल पर अवैध निर्माण के खिलाफ MDDA पहले भी कार्रवाई कर चुका है। प्राधिकरण के मुताबिक, 7 जुलाई को भी इसी स्थान पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद दोबारा अनधिकृत विकास कार्य किए जाने की जानकारी मिलने पर प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर फिर कार्रवाई की। इससे साफ है कि MDDA अब अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।
MDDA ने दी सख्त चेतावनी
MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना किसी भी तरह की अवैध प्लॉटिंग, सड़क निर्माण, सीमांकन या अन्य विकास कार्य की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।


