
लालकुआं न्यूज़- बरेली रोड ग्रामीण क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में बाघ और तेंदुए के बार-बार आबादी क्षेत्र में आने और पशुओं पर हमले की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों की मांग पर मंगलवार को देवरामपुर और परमा गांव में वन्यजीवों को पकड़ने के लिए एक-एक पिंजरा लगाया गया।
वन विभाग की टीम ने संभावित वन्यजीव मूवमेंट वाले स्थानों का निरीक्षण करने के बाद पिंजरों के लिए स्थल चयन किया। अभियान की अगुवाई एसडीओ पूर्वी तराई अनिल जोशी, वन क्षेत्राधिकारी पूर्वी तराई गौला रेंज चंदन अधिकारी और फॉरेस्टर दीप चंद्र आर्य ने की। इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र चंद्र दुर्गापाल, सोनी पंत, चिंतामणि पांडे, ग्राम प्रधान पूजा बिष्ट सहित स्थानीय किसान और पशुपालक मौजूद रहे।
एसडीओ पूर्वी तराई अनिल जोशी ने बताया कि क्षेत्र में बाघ और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।वन्यजीवों के मूवमेंट के आधार पर जरूरत पड़ने पर पिंजरों का स्थान भी बदला जाएगा।
पंचायत प्रतिनिधियों ने वन विभाग की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों से जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ाने तथा वन्यजीवों की आबादी में आवाजाही रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया


