
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज में सोमवार को हुआ भीषण अग्निकांड पूरे प्रदेश के लिए एक दर्दनाक त्रासदी बन गया। एक इमारत में लगी आग ने 15 मासूम बच्चों की जिंदगी छीन ली, जबकि पांच अन्य बच्चे घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और मातम का माहौल छा गया।
अधिकारियों के अनुसार भवन के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप संचालित थी, जबकि ऊपरी मंजिल पर गेमिंग ज़ोन और कोचिंग सेंटर था। आग इतनी तेजी से फैली कि कई बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ बच्चों ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगाई, जिनमें दो गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अमिय अग्रवाल ने 15 बच्चों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि 21 से 22 बच्चों को अस्पताल लाया गया था। पांच बच्चों का इलाज जारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी कार्यक्रम रद्द कर घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। बाद में उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर हादसे की जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन घरों में सोमवार सुबह बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां रात होते-होते मातम और सन्नाटा पसरा हुआ था।


