
हल्द्वानी। चेक बाउंस के मामले में लालकुआं के एक व्यापारी को अदालत ने दोषी करार देते हुए छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (विशेष एनआई एक्ट) हल्द्वानी की अदालत ने व्यापारी मोहम्मद मुस्ताक अहमद पर 1.93 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि में से 1.83 लाख रुपये शिकायतकर्ता बैंक को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाने के आदेश दिए गए हैं।
मामला काशीपुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की लालकुआं शाखा से जुड़े ऋण का है। जानकारी के अनुसार व्यापारी ने बैंक से पांच लाख रुपये का ऋण लिया था। बकाया भुगतान के लिए उसने 2,61,792 रुपये का चेक बैंक को दिया। सात अप्रैल 2022 को बैंक में प्रस्तुत किया गया चेक खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण अनादरित हो गया।
चेक बाउंस होने के बाद बैंक की ओर से आरोपी को कानूनी नोटिस भेजकर भुगतान की मांग की गई, लेकिन निर्धारित अवधि में रकम का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद बैंक ने धारा 138 एनआई एक्ट के तहत न्यायालय में परिवाद दायर किया।
सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से चेक सुरक्षा के तौर पर दिए जाने की दलील पेश की गई, लेकिन अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में इस बचाव को स्वीकार नहीं किया। उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।
12 अगस्त 2026 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी शर्मा ने फैसला सुनाते हुए छह माह के साधारण कारावास और 1.93 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
बैंक की ओर से पैनल अधिवक्ता मो. साकिब अंसारी ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अब्दुल मतीन और केएम तिवारी ने पक्ष रखा


