
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन और छात्रों की मांगों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग के सवाल पर जोशी ने स्पष्ट कहा कि छात्रों की वाजिब मांगों को सद्भावना के साथ सुना जाना चाहिए। एक इंटरव्यू में जोशी ने कहा कि छात्रों पर डंडा चलाना किसी समस्या का समाधान नहीं है।
छात्रों की वाजिब मांगों को सुना जाना चाहिए: जोशी
बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, “जो छात्रों की वाजिब मांग है, वह हमेशा सुनी जानी चाहिए और बहुत ही सद्भावना के साथ सुनी जानी चाहिए। ये डंडा मारने का तरीका उचित नहीं होता है। इससे आप कभी समाधान नहीं कर सकते। अगर समस्याएं हैं तो उसे सुनिए, वे हमारे बच्चे हैं।”
ज्ञानेश कुमार को लेकर प्रदर्शन पर क्या बोले जोशी?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शनों को लेकर पूछे गए सवाल पर जोशी ने कहा कि वह न तो इसके पक्ष में हैं और न विपक्ष में। उन्होंने लोकतंत्र में जनता की भूमिका का जिक्र करते हुए अब्राहम लिंकन के विचारों का हवाला दिया। जोशी ने कहा कि जनता के लिए, जनता के द्वारा और जनता की सरकार लोकतंत्र का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था तभी मजबूत रह सकती है, जब चुनाव निष्पक्ष हों, सरकार जिम्मेदार हो और नौकरशाही पारदर्शी हो।
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संविधान के मुताबिक हो सब कुछ: जोशी
बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि विपक्ष को भी जिम्मेदार होना चाहिए और सभी काम संविधान के मुताबिक होने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर संविधान का उल्लंघन होता है तो सुप्रीम कोर्ट को इस पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक लोकतंत्र इसी सिद्धांत के आधार पर काम करना चाहिए।


