दिवंगत निशानेबाज जसपाल राणा की माता का निधन, बेटे के जन्मदिन के दिन मां ने दुनिया को कहा अलविदा

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टिहरी। दिवंगत अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा की मां श्यामा देवी(72) का दिल्ली के एक अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। 28 जून 1976 को उत्तरकाशी में जसपाल राणा का जन्म हुआ था। ठीक 50 वर्ष बाद उसी दिन उनकी माता ने अंतिम सांस ली, जिससे यह घटना बेहद भावुक और हृदयविदारक बन गई। उनके निधन की सूचना मिलते ही पैतृक क्षेत्र नैनबाग में शोक की लहर छाई रही।

पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा के बेटे और टिहरी जिले के चिलामू गांव निवासी अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा का 16 दिन पहले आकस्मिक निधन हो गया था। परिवार ने श्यामा देवी की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें बेटे के निधन की जानकारी नहीं दी थी।

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बताया जा रहा है कि बीमारी के दौरान वह अंतिम समय तक अपने बेटे जसपाल को देखने की इच्छा जताती रहीं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं चल सका कि उनका बेटा उनसे पहले ही इस दुनिया को अलविदा कह चुका है। श्यामा देवी के निधन पर क्षेत्र के लोगों ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक जताया हैं।

12 जून को जसपाल राणा के निधन के बाद उनकी स्थिति और बिगड़ गई थी। बता दें कि उत्तराखंड टिहरी जिले के चिलामू गांव निवासी जसपाल राणा भारत के पिस्टल निशानेबाजों के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्यरत थे।

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म्यूनिख में आईएसएसएफ विश्व कप से भारत लौटते समय वह असहज महसूस कर रहे थे। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई थी, जिसके बाद दिल्ली के अस्पताल में उनकी स्टेंट सर्जरी भी हुई थी। वे रिकवर हो रहे थे, लेकिन अचानक उनके निधन की खबर सामने आई। महज 18 साल की उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाकर दुनिया को चौंकाने वाले जसपाल राणा ने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में भारत का परचम हमेशा बुलंद रखा।

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स्वास्थ्य संबधी दिक्कत के कारण उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 12 जून को जसपाल राणा के निधन के बाद उनकी स्थिति और बिगड़ गई थी। कुछ दिन पहले ही अपना बेटा खोने से वह सदमे में थी। बीमारी के कारण कमजोर हो चुकीं श्यामा देवी अंतिम समय तक अपने बेटे को देखने की इच्छा रखती रहीं। उन्हें यह ज्ञात ही नहीं था कि उनका गोल्डन बॉय उनसे पहले ही इस दुनिया को अलविदा कह चुका है

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