
डॉ. सुधीर कन्याल को फिलहाल हल्दूचौड़ में बनाए रखने का मिला आश्वासन, अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं पर जल्द कार्रवाई का भरोसा।
हल्दूचौड़
एक ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दूचौड़ में तीन दिवसीय मल्टी स्पेशलिटी स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ हुआ और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, वहीं दूसरी ओर इसी मंच से वर्षों से उपेक्षित स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठ गया।
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एवं वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद बल्लभ भट्ट के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर अस्पताल की जमीनी हकीकत सामने रखी। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया कि केवल शिविर आयोजित करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि हल्दूचौड़ सीएचसी को स्थायी रूप से विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक जांच सुविधाओं और पर्याप्त स्टाफ से सशक्त बनाया जाए।
ज्ञापन में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित तैनाती, प्रसव सेवाओं को पूरी क्षमता से संचालित करने, अल्ट्रासाउंड एवं आधुनिक लैब सुविधाएं शुरू करने, आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, एंबुलेंस चालक की नियुक्ति, अस्पताल से चिकित्सकों एवं कर्मचारियों का अनावश्यक स्थानांतरण रोकने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं।
क्षेत्रवासियों ने अस्पताल परिसर में लगाए गए राजनीतिक नामों वाले शिलापट्ट हटाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि अस्पताल किसी दल विशेष का नहीं बल्कि आम जनता का है, इसलिए परिसर राजनीतिक पहचान से मुक्त होना चाहिए।
ज्ञापन में पावर ग्रिड कंपनी द्वारा अस्पताल को उपलब्ध कराई गई लगभग 80 लाख रुपये मूल्य की चिकित्सा सामग्री के उपयोग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। क्षेत्रवासियों ने कहा कि यदि उपकरणों का उपयोग नहीं हो पा रहा है तो उन्हें अन्य जरूरतमंद स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाए, लेकिन सरकारी संसाधन धूल न फांकें।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि वर्तमान में सेवाएं दे रहे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर कुमार कन्याल को फिलहाल हल्दूचौड़ में ही बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा, इस आश्वासन का उपस्थित लोगों ने स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के हित में सकारात्मक कदम बताया।
प्रदेश सरकार के “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविर का उद्घाटन विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने किया। शिविर में जनरल मेडिसिन, बाल रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, नेत्र, अस्थि, दंत, आयुष, मानसिक स्वास्थ्य, टीबी स्क्रीनिंग, एनसीडी जांच, एक्स-रे, ईसीजी, आयुष्मान भारत, आभा आईडी सहित अनेक स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई गईं।
पहले दिन 267 मरीजों का पंजीकरण हुआ। 155 लोगों की ब्लड प्रेशर एवं शुगर जांच, 267 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, 104 एक्स-रे, 83 हीमोग्लोबिन, एलएफटी एवं आरएफटी जांच तथा 136 लोगों की आभा आईडी बनाई गई।
स्वास्थ्य शिविर की सराहना करते हुए क्षेत्रवासियों ने कहा कि ऐसे शिविर स्वागतयोग्य हैं, लेकिन हल्दूचौड़ सीएचसी को केवल तीन दिन नहीं, बल्कि पूरे 365 दिन विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता है। लोगों का कहना है कि यदि ज्ञापन की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई होती है, तभी इस शिविर की वास्तविक सफलता मानी जाएगी


