चार माह के बेटे के साथ पहली बार जा रही थी मायके, प्रकृति के कहर को कुछ और ही था मंजूर

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टिहरी के चंबा में हुए भूस्खलन में दबने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से मातम पसर गया। हादसे की खबर फैली तो जसपुर गांव से लेकर डारगी तक कोहराम मच गया। भूस्खलन के मलबे में दफन हुई पूनम अपने चार महीने के बच्चे को लेकर पहली बार मायके जा रही थी। लेकिन प्रकृति को शायद कुछ और ही मंजूर था।

प्रकृति की तबाही के आगे बेबस दिखे सुमन
चंबा में हुए भारी भूस्खलन में देखते ही देखते पूनम उसके चार महीने के बच्चे और पति की बहन सरस्वती की जिंदगी मलबे में दबकर दफन हो गई। सुमन अपनी पत्नी पूनम और बच्चे को लेकर ससुराल जा रहा था। इस दौरान सुमन खंडूड़ी चंबा में पुलिस थाने के पास अपनी कार खड़ी कर बाजार से कुछ सामान लेने के लिए उतरा। लेकिन जब वापस लौटा तो मलबे के ढेर के अलावा कुछ नजर नहीं आया।

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काल के गाल में समा गई तीन जिंदगियां
गांव से चंबा पहुंचे परिजन उनके सुरक्षित होने की दुआं करते रहे लेकिन प्रकृति को शायद कुछ और ही मंजूर था। चंबा में रह रही सुमन की बहन सरस्वती भी कार में बैठे अपने चार महीने के भतीजे और भाभी से मिलने आई हुई थी। लेकिन काल के रूप में पहाड़ी से गिरे मलबे के ढेर ने उसकी भी जिंदगी लील ली। रेस्क्यू टीम ने जब घंटो की मशक्कत के बाद मलबा हटाया तो एक-एक कर तीन शव बरामद किए।

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परिवार में पसरा मातम
तीनों के शवों को देख परिजनों के होश उड़ गए। देखते ही देखते बेटी और नाती के मायके आने की खुशियां चंद मिनटों में मातम में बदल गई। दर्दनाक घटना के बाद से सुमन के गांव जसपुर और पूनम के मायके डारगी में मातम पसर गया। किसी को नहीं पता था कि इस तरह उनके परिवार पर मलबा काल बनकर बरसेगा।

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