आय से अधिक संपत्ति मामले में गणेश जोशी की बढ़ी मुश्किलें?, नहीं दे पाए जवाब, कोर्ट से मांगा समय

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आय से अधिक संपत्ति से संबंधित मामले में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के अधिवक्ता ने तीन सितंबर 2026 को विजिलेंस न्यायालय में पेश हुए। मंत्री पक्ष की ओर से मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान किए जाने का अनुरोध किया गया। ऐसे में न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए सात अक्टूबर 2026 की डेट निर्धारित की है।

मंत्री गणेश जोशी पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप

कांग्रेस प्रवक्ता और अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री की तरफ से इस मामले में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए गए हैं। क्षेत्री का कहना है कि उनके द्वारा मंत्री की कथित आय और संपत्तियों से संबंधित तथ्यों को पंजीकरण अभिलेखों एवं अन्य उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय के समक्ष रखा गया है।

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मंत्री ने कोर्ट से जवाब के लिए मांगा समय

उनका आरोप है कि उपलब्ध आय के स्रोतों की तुलना में अर्जित की गई संपत्तियों में गंभीर असंगतियां हैं, जिनकी निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच आवश्यक है। पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, बल्कि जनता के धन, सार्वजनिक संसाधनों और व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही की लड़ाई है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम

उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार के खिलाफ ये मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक इसे उसके तार्किक अंजाम तक नहीं पहुंचाया जाता। हमारा उद्देश्य किसी को राजनीतिक रूप से प्रताड़ित करना नहीं, बल्कि कानून के समक्ष जवाबदेही सुनिश्चित करना है। जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में तभी मजबूत होगा, जब भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो दोषी व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के अनुसार उसके विरुद्ध कार्रवाई हो।”

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अगली सुनावाई सात अक्टूबर को

क्षेत्री ने कहा कि कानून की नजर में कोई व्यक्ति छोटा या बड़ा नहीं होना चाहिए। यदि किसी जनप्रतिनिधि पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप लगते हैं, तो उन्हें कानून और जांच की प्रक्रिया का सामना करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सात अक्टूबर 2026 को होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों एवं तथ्यों के आधार पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।

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“हमारा विश्वास न्यायपालिका और कानून के शासन में है। सत्य तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर सामने आएगा। भ्रष्टाचार चाहे किसी छोटे व्यक्ति द्वारा किया गया हो या किसी बड़े पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा कानून की मजबूत पकड़ से कोई भी बचना नहीं चाहिए।

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