भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए विधानसभावार रणनीति तैयार करेंगे, जिसमें बदली सियासी परिस्थितियों और कमजोर सीटों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दो माह बाद फिर उत्तराखंड प्रवास होने जा रहा है। इस बार उनका फोकस केवल संगठन की औपचारिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। पिछले दौरे में बूथ और कमजोर सीटों को मजबूत करने की रणनीति बनी थी, अब दो माह में बदली सियासी जमीन की थाह ली जाएगी।
पिछले महीनों में दिल्ली से लेकर उत्तराखंड तक कई राजनीतिक समीकरण बदले हैं। ऐसे में नितिन नवीन स्थानीय संगठन के साथ मिलकर बदली परिस्थितियों के अनुसार विधानसभावार रणनीति बनाएंगे।
उत्तराखंड में भाजपा ने अपनी चुनावी तैयारी तेज कर दी है, तो कांग्रेस ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली से कांग्रेस ने चुनावी अभियान को धार देने का प्रयास किया। नितिन नवीन अपने दौरे में भाजपा की तैयारियों को विपक्ष की सक्रियता के अनुसार फिर से परखेंगे।
हाल का हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद भाजपा के लिए चुनौती बनकर उभरा है। कांग्रेस इसे दलित सम्मान और सामाजिक न्याय के से जोड़कर मुद्दा बनाने की कोशिश में है, जबकि भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। नितिन नवीन सामाजिक समरसता के जरिए विपक्ष के नैरेटिव की काट तैयार करने पर भी फोकस करेंगे।
23 सीटों पर होगी विशेष नजर
नितिन नवीन की नजर उन 23 सीटों पर भी रहेगी, जिन्हें भाजपा पिछली विधानसभा में हार गई थी। इन सीटों के लिए अलग रणनीति, स्थानीय नेतृत्व और बूथ प्रबंधन को मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है। साथ ही कम अंतर से जीती सीटों को सुरक्षित रखना और मजबूत सीटों पर जीत का अंतर बढ़ाना भी रणनीति का हिस्सा होगा।
इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा
- विधायकों व सरकार की जनता के बीच स्वीकार्यता का आकलन
- दावेदारों और कार्यकर्ताओं को साथ साधकर संगठन की एकजुटता पर जोर
- डिजिटल मंचों पर सरकार की उपलब्धियों के प्रभावी प्रचार की रणनीति
- पूर्व सैनिकों व सैनिक परिवारों से संगठनात्मक संपर्क बढ़ाने पर मंथन
- प्रवासी मतदाताओं से जुड़ाव को चुनावी रणनीति में शामिल करने पर चर्चा
- शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग जनसंपर्क रणनीति पर विचार
- युवा, महिला व नए मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की रूपरेखा


