बिंदुखत्ता के हक की लड़ाई 20वें दिन भी जारी, राजस्व ग्राम की मांग को लेकर शिवपुरी नंबर-6 पहुंची पदयात्रा

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बिंदुखत्ता न्यूज़- बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन एवं पूर्व सैनिक संगठन की ओर से शुरू की गई घर-घर पदयात्रा गुरुवार को 20वें दिन शिवपुरी नंबर-6 पहुंची। 15 अगस्त 2026 को शहीद स्मारक से शुरू हुई इस पदयात्रा में गुरुवार को भी सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया।

पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों से 27 सितंबर को प्रस्तावित विशाल जनसभा एवं रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई। आयोजकों ने कहा कि जो लोग किसी कारणवश पदयात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, वे सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन को मजबूती देने में सहयोग करें।

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वन अधिकार संगठन के नंदन बोरा ने कहा कि उत्तराखंड शासन ने वर्ष 2022 में बिंदुखत्ता समेत 14 टोंगिया ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की प्रक्रिया वन अधिकार कानून के तहत पूरी करने का निर्णय लिया था। इसके लिए समाज कल्याण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया था।

उन्होंने बताया कि इन 14 ग्रामों में से छह ग्रामों—नैनीताल के रामपुर, लेटी और चोपड़ा तथा हरिद्वार के कमला नगर, पुरुषोत्तमनगर और हरिपुर—को राजस्व ग्राम घोषित किया जा चुका है। उनका कहना है कि इन गांवों में प्रक्रिया वन अधिकार कानून के तहत पूरी होने के कारण वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अलग से अनुमोदन लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

बिंदुखत्ता के मामले में दोहरे व्यवहार का आरोप

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नंदन बोरा ने आरोप लगाया कि बिंदुखत्ता के मामले में आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने के बजाय वन भूमि अनारक्षण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की बात कही जा रही है। उन्होंने इसे बिंदुखत्तावासियों के साथ दोहरे व्यवहार का उदाहरण बताया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने के संबंध में जनजाति मंत्रालय, भारत सरकार के महत्वपूर्ण पत्रों और निर्देशों को दबाया जा रहा है। संगठन ने मांग की कि केंद्र सरकार के पत्रों और निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी की जाए।

पदयात्रा के बाद वन अधिकार संगठन के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी लालकुआं के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में जनजाति मंत्रालय भारत सरकार के पत्रों एवं निर्देशों के अनुसार कार्रवाई कर बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग की गई।

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पदयात्रा में उमेश भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, रमेश गोस्वामी, दौलत सिंह कोरंगा, एडवोकेट बलवंत बिष्ट, करम सिंह कोरंगा, संध्या डालाकोटी, ममता बिष्ट, राजू राणा, चंचल सिंह, त्रिलोक सुयाल, कुंदन सिंह, गंगा सिंह, गोविंद गिरी, गोपाल जोशी, भूपेश जोशी, प्रकाश उत्तराखंडी, दीपक रौतेला, बलवंत परिहार, मनोज कोरंगा, जेसी उप्रेती, कैलाश चंद्र, खड़क बाफिल, प्रेम तिवारी, रविंद्र प्रसाद, किरण तिवारी, मोहनी मेहता, नीलम मेहता, भगवती देवी, गीता दानू, जानकी देवी, हीरा देवी, राजकुमारी समेत अनेक लोग शामिल रहे।

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