Dhami Ke 4 Saal Bemisaal!, सोशल मीडिया पर छाया उत्तराखंड मॉडल, CM Dhami के कार्यकाल को सराहा

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Dhami Ke 4 Saal Bemisaal: सीएम पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड को स्थायित्व देने वाले पहले भाजपा मुख्यमंत्री बन गए है। आज यानी की चार जुलाई को सीएम घामी के कार्यकाल को चार साल हो गए है। सीएम की कुर्सी पर उन्हें लगातार चार साल हो जाएंगे। ऐसे में उन्होंने इतिहास रच दिया है।

धामी उत्तराखंड में भाजपा के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बन गए है। जनता से भावनात्मक जुड़ाव धामी की सबसे बड़ी ताकत बनी। ऐसे में आज पूरे दिन सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर #DhamiKe4SaalBemisaal दिनभर ट्रेंड करता रहा।

उत्तराखंड में BJP के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बने CM Dhami

उत्तराखंड की राजनीति में नेतृत्व हमेशा अस्थिरता का शिकार रहा है। लेकिन जब बात पुष्कर सिंह धामी की आती है, तो तस्वीर कुछ और ही दिखती है। धामी भाजपा के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो लंबे समय से राज्य के सीएम हैं। आज बतौर सीएम घामी को चार साल पूरे हो गए है।

बता दें कि उत्तराखंड की राजनिति में कांग्रेस के एनडी तिवारी ही एक मात्र ऐसे मुख्यमंत्री थे जो पूरे पांच साल तक उत्तराखंड के सीएम रहे। हालिया स्थिति को देखते हुए लगता है कि पुष्कर सिंह धामी जल्द ही इस रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। ऐसे में चलिए जानते है कि आखिर धामी को जनता और पार्टी नेतृत्व ने क्यों लगातार चार सालों तक भरोसेमंद नेतृत्व के तौर पर स्वीकार किया।

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सोशल मीडिया पर दिखा उत्साह Dhami Ke 4 Saal Bemisaal

लोगों ने ट्वीट्स के द्वारा ये बताया कि कैसे मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने राजनीतिक स्थिरता, प्रशासनिक पारदर्शिता और सांस्कृतिक चेतना का नया युग देखा है। कुछ मेन विषय जिन पर यूज़र्स ने ट्वीट किए:-

  • UCC कानून लागू कर देशभर में नई मिसाल
  • चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु और व्यवस्थागत सुधार
  • भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती परीक्षाएं और युवाओं का बढ़ता विश्वास
  • महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रभावी योजनाएं
  • औद्योगिक निवेशऔर Ease of Doing Business में सुधार

केवल आम जनता ही नहीं, कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस ट्रेंड में भाग लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी की निर्णायक नेतृत्व शैली और “कम बोलो, ज्यादा काम करो” वाली कार्यशैली की प्रशंसा की

चार जुलाई 2021 को धामी को सौंपी थी कमान

बता दें कि चार जुलाई 2021 का वो दिन जब भाजपा नेतृत्व ने उत्तराखंड की कमान युवा नेता पुष्कर सिंह धामी को सौंपी। उस समय राज्य में राजनीतिक अस्थिरता थी। लेकिन जैसे ही धामी ने कमान संभाली उन्होंने ना सिर्फ माहौल बदला, बल्कि जनभावनाओं को भी अपने पक्ष में मोड़ दिया। 2022 के विधानसभा चुनावों में जब भाजपा ने ऐतिहासिक वापसी की तो यह साफ हो गया कि धामी ने जनता का विश्वास जीत लिया है।

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इन चार वर्षों में धामी की सबसे बड़ी ताकत रही है उनकी जनसंपर्क शैली। वो कभी आपदा में अभिभावक की भूमिका में दिखे तो कभी युवाओं के साथ दोस्त की तरह संवाद करते नज़र आए। महिलाओं के कार्यक्रमों में वे कभी बेटे तो कभी भाई के रूप में मंच साझा करते रहे। ये वही भावनात्मक जुड़ाव है जिसने उन्हें जनता का मुख्यमंत्री बना दिया।

UCC लागू करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड

नीतिगत फैसलों की बात करें तो सीएम धामी ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बना। महिलाओं को तीन मुफ्त गैस सिलेंडर, सरकारी नौकरियों में 30% और सहकारी समितियों में 33% आरक्षण, महालक्ष्मी योजना, लखपति दीदी, नारी सशक्तिकरण योजना जैसी पहलों ने नारी सम्मान और आत्मनिर्भरता को नई पहचान दी।

नकल विरोधी कानून से लेकर सख्त भू कानून तक

राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों के विकास की बात करें तो पलायन को रोकने के लिए ‘एप्पल मिशन’ और ‘कीवी मिशन’ की शुरुआत की गई। हाउस ऑफ हिमालयाज के ज़रिए पहाड़ी उत्पादों को देश-दुनिया में पहचान दिलाई जा रही है। साथ ही नकल विरोधी कानून, सख्त भू कानून, और ‘लव-लैंड-थूक जिहाद’ पर कठोर रुख ने धामी को एक मजबूत फैसले लेने वाले मुख्यमंत्री की छवि दी है।

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जी-20 देशों की बैठकों के आयोजन

सीएम धामी ने प्रदेश में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन और जी-20 देशों की बैठकों के आयोजन से प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी एक नई पहचान दिलाने का काम किया। इसके साथ ही एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड ने पहला स्थान प्राप्त किया।

23 हजार सरकारी पदों पर सीधी भर्तियां, शीतकालीन यात्रा, मानसखंड मंदिरमाला मिशन, महासू मंदिर हनोल विकास, GEP इंडेक्स में शानदार प्रदर्शन, और SDG इंडेक्स में उत्तराखंड का पहला स्थान ये सभी उपलब्धियां धामी के कुशल नेतृत्व को प्रमाणित करती हैं।

क्यों बना ये ट्रेंड खास?

ये ट्रेंड केवल एक राजनीतिक प्रचार नहीं था, बल्कि जनता के उस विश्वास का प्रतीक था जो उन्होंने धामी सरकार में देखा। ये दिखाता है कि उत्तराखंड की जनता केवल वादों में नहीं, कार्यों में विश्वास करती है। धामी सरकार ने इन 4 वर्षों में निरंतर कार्य कर जनता के भरोसे को मजबूत किया है।

DhamiKe4SaalBemisaal sirf एक हैशटैग नहीं बल्कि उत्तराखंड की नई पहचान, संकल्प और बदलाव का प्रतीक बन गया। यह ट्रेंड दर्शाता है कि धामी सरकार के 4 साल न केवल संकल्प और सेवा के रहे, बल्कि सुशासन, संस्कृति और विकास के भी रहे।

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