
समाजसेवी शुभम अंडोला के आवास पर हुई विकास को लेकर चर्चा, 2027 में लोहाघाट से चुनाव लड़ने का किया ऐलान!
बोले- उत्तराखंड के चहुंमुखी विकास के लिए ठोस और दूरगामी नीतियां जरूरी!
हल्दूचौड़। विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मियां अभी शुरुआती दौर में हैं, लेकिन संभावित दावेदारों की सक्रियता अब धीरे-धीरे दिखाई देने लगी है। इसी क्रम में नीति, तकनीक, प्रबंधन और विकास के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का राष्ट्रीय एवं वैश्विक अनुभव रखने वाले राज शेखर जोशी मंगलवार को हल्दूचौड़ पहुंचे। उन्होंने समाजसेवी शुभम अंडोला के आवास पर क्षेत्र के लोगों से मुलाकात की और उत्तराखंड के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
इस दौरान जोशी ने 2027 का विधानसभा चुनाव लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र से लड़ने का ऐलान किया। उनके इस ऐलान के बाद राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र अब लोहाघाट के साथ-साथ हल्दूचौड़ में हुई उनकी इस मुलाकात को भी माना जा रहा है।
मीडिया से बातचीत में राज शेखर जोशी ने कहा कि उत्तराखंड के चहुंमुखी विकास के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के साथ दूरगामी सोच वाली नीतियां जरूरी हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसी मूलभूत जरूरतों को मजबूत करने के लिए ठोस नीति तैयार किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर समझना होगा। युवाओं के लिए रोजगार के स्थायी अवसर पैदा किए बिना पलायन की समस्या का समाधान संभव नहीं है।
लोहाघाट के मूल निवासी राज शेखर जोशी के पास नीति निर्माण, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बिजनेस लीडरशिप और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में लंबा अनुभव है। आदित्य बिरला समूह में ज्वाइंट प्रेसिडेंट एवं ग्रुप हेड, डिजिटल टेक्नोलॉजी एंड ट्रांसफॉर्मेशन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके जोशी का टाटा, रिलायंस और मैकमिलन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से भी पेशेवर जुड़ाव रहा है।
उत्तराखंड में सेतु आयोग के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके जोशी ने सरकार, निजी क्षेत्र और विभिन्न संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी काम किया है। उनका कहना है कि तकनीक और आधुनिक प्रबंधन के इस्तेमाल से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
पहाड़ों के लिए अभिशाप बन चुके पलायन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि समाजसेवा की शुरुआत अपनी कर्मभूमि और पैतृक भूमि से होनी चाहिए। अपनी जड़ों से जुड़े व्यक्ति को अपने क्षेत्र की समस्याओं की वास्तविक समझ होती है। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय जरूरतों को समझकर दीर्घकालिक योजनाएं बनाई जाएं तो पहाड़ में विकास और रोजगार के नए रास्ते खोले जा सकते हैं।
राज शेखर जोशी के हल्दूचौड़ दौरे को क्षेत्र में भी चर्चा के तौर पर देखा गया। खासकर उनका तकनीक, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पलायन जैसे मुद्दों पर जोर लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा।
इस दौरान पूर्व ग्राम प्रधान बीडी खोलिया, रमेश अंडोला, एडवोकेट प्रकाश सनवाल, समाजसेवी भैरव दत्त खोलिया समेत तमाम समाजसेवी और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।अपने आवास में आने पर समाजसेवी शुभम अंडोला ने उनका जोरदार स्वागत करते हुए कहा कि नीति, तकनीक, प्रबंधन और विकास के क्षेत्र में वैश्विक अनुभव रखने वाले ऐसे व्यक्तित्व यदि राजनीति में पदार्पण करेंगे तो निसंदेह राज्य अपने निर्माण की परिकल्पना को साकार करेगा


