
उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में वीकेंड मनाने आया एक परिवार पलभर में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। गंगा किनारे यादगार सेल्फी लेने की कोशिश एक परिवार के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा दुख बन गई। पत्नी और मासूम बेटी की आंखों के सामने गाजियाबाद निवासी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर गंगा की उफनती लहरों में समा गया।
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद और फरीदाबाद से दो दोस्तों के परिवार घूमने के लिए उत्तराखंड आए थे और कोड़ियाला स्थित रावेरा होटल में ठहरे हुए थे। शुक्रवार शाम सभी लोग होटल के नीचे गंगा घाट पर घूमने और फोटो खींचने पहुंचे।
इसी दौरान गाजियाबाद निवासी 43 वर्षीय आशीष जैन गंगा की लहरों के साथ सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे थे कि अचानक उनका पैर फिसल गया। गंगा का तेज बहाव इतना प्रचंड था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते वह नदी में बह गए।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। होटल स्टाफ ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद बछेलीखाल पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए SDRF को बुलाया गया और अंधेरा होने के बावजूद राफ्ट के जरिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
चौकी प्रभारी दीपक लिंगवाल ने बताया कि पुलिस और SDRF की टीमें लगातार गंगा के बहाव वाले क्षेत्र में तलाश अभियान चला रही हैं, लेकिन समाचार लिखे जाने तक आशीष जैन का कोई सुराग नहीं मिल सका था।
घटना की सूचना गाजियाबाद स्थित परिजनों को दे दी गई है। बताया जा रहा है कि आशीष जैन एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। उनके बुजुर्ग माता-पिता ऋषिकेश के लिए रवाना हो चुके हैं।
उत्तराखंड की नदियां और झरने जितने सुंदर दिखाई देते हैं, उतने ही खतरनाक भी हो सकते हैं। प्रशासन लगातार पर्यटकों से अपील करता है कि सेल्फी या फोटो के लिए नदी के किनारों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जोखिम न उठाएं। एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती है


