लापता रेंजर साहब को ऑटो में बैठकर ढूंढ रही हैं पत्नी, फफक – फफक कर रोते हुए विभाग पर लगाए आरोप

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तराई केंद्रीय वन प्रभाग में तैनात वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) हरीश चंद्र पांडेय (Forest Ranger Officer Haldwani Harish Pandey Missing) विगत आठ दिनों से लापता हैं. अभी तक रेंजर का कोई सुराख नहीं लग पाया है, जिस कारण उनके परिजन और पड़ोसी परेशान हैं। उनके परिवार और आस – पड़ोस के लोग दिन भर ऑटो से निकलकर उन्हें हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में ढूंढ रहे हैं। आज बुधवार को कार्यालय प्रभागीय वन अधिकारी तराई के हल्द्वानी तिकोनिया ऑफिस में पहुंचकर रेंजर की पत्नी पूर्णिमा पांडेय और पड़ोस के लोगों ने जल्द से जल्द उन्हें ढूढ़ने की गुहार लगाई है।

आपको बता दें की वर्तमान में रेंजर हरीश चंद्र पांडे हल्द्वानी लालकुआं तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर में तैनात हैं। वह बीते 29 नवम्बर की रात को गश्त करने के सिलसिले से ड्यूटी को निकले थे। लेकिन जब अगले दिन घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी तब से पुलिसकर्मियों के साथ ही वन विभाग के कर्मचारी उन्हें खोज रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रही है ताकि हरीश चंद्र पांडे के बारे में कोई जानकारी मिल सके। बताया जा रहा है कि एक सीसीटीवी कैमरे में रेंजर को ऑटो में बैठकर काठगोदाम की ओर जाते देखा गया है। गुमशुदा रेंजर की तलाश में पत्नी ने 25 हजार रुपए का ईनाम भी रखा है।

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पत्नी ने विभाग पर लगाए यह गंभीर आरोप –
वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) हरीश चंद्र पांडेय की पत्नी पूर्णिमा पांडेय, मीडिया से बात करते हुए फफक – फफक कर रो पड़ीं, उन्होंने विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. पत्नी का कहना है की विभाग की ओर से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिल रहा है, हालांकि यूनियन के लोग मिले थे लेकिन वह भी कोई सहायता नहीं कर रहे हैं, पत्नी ने बताया की वह काम के सिलसिले को लेकर काफी समय से तनाव में रहते थे। उनके ऊपर विभाग का काफी दबाव रहता है, उन्होंने कहा कुछ बातें तो विभाग की उन्हें पता हैं, लेकिन वह बाद में खुलासा करेंगी, अभी उन्हें उनके पति सही सलामत चाहिए

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