आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश की होगी भौतिक जांच, जिलाधिकारी नैनीताल ने गठित की तीन सदस्यीय समिति

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आरटीई पोर्टल पर दर्ज विद्यार्थियों के आंकड़ों और शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में मिली भिन्नता के बाद जिलाधिकारी ने दिए सत्यापन के निर्देश

नैनीताल 10 अगस्त 2026 सूवि।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अंतर्गत जनपद नैनीताल में पंजीकृत विद्यालयों में आरटीई के तहत लाभान्वित विद्यार्थियों को वितरित धनराशि एवं समय योजना के संबंध में विभागीय रिपोर्ट तथा शिक्षा का अधिकार पोर्टल पर विद्यालयों द्वारा अंकित सूचनाओं में भिन्नता पाए जाने के बाद जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मामले का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।

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जिलाधिकारी ने हल्द्वानी क्षेत्र के आरटीई के अंतर्गत पंजीकृत विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन एवं संबंधित अभिलेखों की भौतिक जांच/सत्यापन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में नगर मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी को अध्यक्ष, जबकि खंड शिक्षा अधिकारी, हल्द्वानी तथा कोषाधिकारी, हल्द्वानी को सदस्य नामित किया गया है।

जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार समिति द्वारा वर्ष 2021-22 से हल्द्वानी क्षेत्र के आरटीई के अंतर्गत पंजीकृत विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण एवं सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान संबंधित विद्यालयों के अभिलेखों का परीक्षण करते हुए आरटीई पोर्टल पर दर्ज विद्यार्थियों के आंकड़ों और उपलब्ध विभागीय सूचनाओं का मिलान किया जाएगा।

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इन विद्यालयों का होगा भौतिक सत्यापन

जिलाधिकारी के आदेश में हल्द्वानी क्षेत्र के आरटीई के अंतर्गत पंजीकृत आर्यमान विक्रम बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग, व्हाइट हॉल स्कूल लामाचौड़, व्हाइट हॉल स्कूल एक्सटेंशन हल्द्वानी, केडीएम पब्लिक स्कूल हीरानगर, यूनिवर्सल कॉन्वेंट स्कूल हल्द्वानी, इंस्पिरेशन स्कूल हल्द्वानी, दिल्ली पब्लिक स्कूल हल्द्वानी तथा दी आनन्दा एकेडमी हल्द्वानी सहित संबंधित विद्यालयों का भौतिक सत्यापन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश में कहा गया है कि आरटीई अभियान के अंतर्गत निर्धारित 25 प्रतिशत मानक के सापेक्ष संबंधित विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन प्रतिशत में कमी भी पाई गई है। ऐसे में समिति द्वारा मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी।

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जिलाधिकारी ने समिति को निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों के भौतिक निरीक्षण एवं अभिलेखों के परीक्षण के बाद एक माह के भीतर स्पष्ट आख्या अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य आरटीई के तहत पात्र विद्यार्थियों को मिलने वाले अधिकारों और सुविधाओं का वास्तविक लाभ सुनिश्चित करने के साथ ही पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों और धरातलीय स्थिति के बीच किसी भी प्रकार की विसंगति को दूर करना है।

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