
चमोली। उत्तराखंड के सीमांत चमोली जिले की नीती घाटी में तमक नाले का उफान तबाही का मंजर पीछे छोड़ गया है। भारी बारिश के बाद उफनाए तमक नाले में बहा GRIF (जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स) का कर्मचारी दूसरे दिन भी लापता है। हादसे के बाद से कर्मचारी की तलाश में लगातार खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे से ही चमोली पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तमक क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन में जुट गईं। अभियान के दौरान संभावित स्थानों पर मलबे को खंगाला जा रहा है। रेस्क्यू टीमों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे और खोज अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
पानी कम हुआ तो सामने आई तबाही की तस्वीर
सोमवार को भारी बारिश के बाद तमक नाले में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया था। देखते ही देखते नाला उफान पर आ गया और आसपास के क्षेत्र में भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया। इसी दौरान GRIF कर्मचारी के बहने की सूचना सामने आई।
मंगलवार को नाले का जलस्तर और बहाव कुछ सामान्य हुआ तो मौके पर आपदा की भयावह तस्वीर साफ नजर आने लगी। चारों तरफ मलबा ही मलबा दिखाई दे रहा है। जगह-जगह पत्थर और मिट्टी का ढेर जमा है। वहीं, GRIF के वाहन भी मलबे में दबे हुए दिखाई दे रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नाले का बहाव कितना तेज और खतरनाक रहा होगा।
लापता कर्मचारी की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमों ने नाले के आसपास और मलबे वाले क्षेत्रों में अभियान तेज कर दिया है। टीमों की ओर से संभावित स्थानों पर सघन तलाशी ली जा रही है। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू टीमों के साथ सहयोग कर रहे हैं।
हालांकि पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बदल रहे मौसम और जगह-जगह जमा मलबे के कारण राहत एवं बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। टीमों को सावधानी के साथ अभियान आगे बढ़ाना पड़ रहा है।
सोमवार से चमोली में बारिश का दौर
चमोली जनपद में सोमवार से बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि मंगलवार को बारिश हल्की रही, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में नदी-नालों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें भी स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।


