सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले हल्द्वानी में हाई अलर्ट, बनभूलपुरा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस; ड्रोन से होगी निगरानी

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हल्द्वानी न्यूज़- बनभूलपुरा रेलवे भूमि विवाद को लेकर हल्द्वानी में एक बार फिर माहौल बेहद संवेदनशील हो गया है। सुप्रीम कोर्ट में 9 सितंबर को होने वाली सुनवाई से पहले पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील बनभूलपुरा क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस और पीएसी की तैनाती की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्षेत्र को सेक्टर, जोन और सुपर जोन में बांटकर निगरानी की तैयारी की गई है। पुलिस के साथ दंगा नियंत्रण दस्ते, आंसू गैस टीम और सशस्त्र बलों को भी तैयार रखा गया है। इसके अलावा ड्रोन के जरिए पूरे संवेदनशील क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी।

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प्रशासन की चिंता इसलिए भी बढ़ी हुई है क्योंकि रेलवे भूमि से जुड़े इस मामले में बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में इस विवाद को लेकर लंबे समय से सुनवाई चल रही है। फरवरी 2026 में अदालत ने कहा था कि रेलवे की विवादित भूमि पर कब्जाधारियों का वहां बने रहने का कोई निहित कानूनी अधिकार नहीं है और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया गया है।

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मामला बनभूलपुरा की गफूर बस्ती, ढोलक बस्ती और इंदिरा नगर क्षेत्र की रेलवे भूमि से जुड़ा है। पूर्व में प्रशासन की ओर से करीब 4,365 कथित अतिक्रमण चिह्नित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। विवादित जमीन को लेकर रेलवे और स्थानीय निवासियों के बीच लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही है।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि सुनवाई के दौरान किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा न हो। क्षेत्र में पुलिस और खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है।

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सुप्रीम कोर्ट की ओर टिकी नजरें

बनभूलपुरा रेलवे भूमि विवाद का अगला घटनाक्रम हजारों परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर रेलवे अपनी भूमि और परियोजना से जुड़े दावे पर कायम है, वहीं प्रभावित परिवार पुनर्वास और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में 9 सितंबर की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर हल्द्वानी ही नहीं, पूरे उत्तराखंड की नजरें टिकी हैं।

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