
अल्मोड़ा।
सल्ट विकासखंड के डभरा सौराल के तोक घोड़ीधार में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। घर के पास गोबर फेंकने गई करीब 21 वर्षीय महिला पर एक हिंसक वन्यजीव ने हमला कर दिया।
हमले के बाद वन्यजीव महिला को घसीटकर जंगल की ओर ले गया। ग्रामीणों ने तलाश अभियान चलाकर महिला का शव बरामद किया। प्रारंभिक तौर पर ग्रामीण बाघ के हमले की आशंका जता रहे हैं।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में बढ़ते वन्यजीवों के खतरे पर प्रभावी कार्रवाई करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने बताया कि घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया जा रहा है। पदचिह्नों, साक्ष्यों और अन्य संकेतों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमला किस वन्यजीव ने किया।
डीएफओ ने बताया कि घटना के बाद क्यूआरटी टीम को सक्रिय कर संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है।
ग्रामीणों से सुबह और शाम अकेले जंगल या झाड़ीदार क्षेत्रों में न जाने, महिलाओं और बच्चों को समूह में आने-जाने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर बांधने की अपील की गई है।
वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे भी लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में नौ किलोमीटर सोलर फेंसिंग का कार्य प्रगति पर है।
इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा पीएमजीएसवाई के माध्यम से अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी फेंसिंग का कार्य कराया जा रहा है। प्रभावित गांवों में जन -जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं तथा त्वरित सूचना के लिए पहले से बनाए गए व्हाट्सएप समूह भी सक्रिय कर दिए गए हैं।
वन विभाग ने कॉर्बेट और पश्चिमी वृत्त से दो पशु चिकित्सकों को भी मौके पर तैनात किया है। क्षेत्राधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी, क्यूआरटी टीम और अन्य अधिकारी लगातार क्षेत्र में मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
डीएफओ दीपक सिंह ने बताया कि मृतका के परिजनों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती और दीर्घकालिक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जा रहे हैं।


