
हल्द्वानी। जनपद नैनीताल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान के तहत मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सोमवार को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में नोटिस वितरण, दावे-आपत्तियों के निस्तारण और सत्यापन कार्य की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 13 अगस्त 2026 निर्धारित है। सुनवाई एवं निस्तारण 11 सितंबर 2026 तक चलेगा, जबकि 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
जनपद नैनीताल में 6,93,325 पंजीकृत मतदाता हैं। अब तक 2,35,085 नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से 1,51,084 नोटिस संबंधित मतदाताओं तक पहुंच चुके हैं। आयोग ने आधुनिक तकनीक के माध्यम से 1,88,054 संभावित विसंगतियां (Anomaly) और 47,031 No Mapping मामलों की पहचान की है, जिनकी नियमानुसार जांच की जा रही है।
जिला निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि केवल नोटिस मिलने से किसी का नाम मतदाता सूची से नहीं हटेगा। प्रत्येक मतदाता को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
सत्यापन के लिए सरकारी पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि/मकान आवंटन पत्र सहित आयोग द्वारा निर्धारित 11 प्रकार के दस्तावेज मान्य हैं।
मतदाता सूची में नया नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ललित मोहन रयाल और उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय ने नागरिकों से अपील की है कि यदि सत्यापन संबंधी नोटिस मिले तो घबराएं नहीं, बल्कि निर्धारित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर प्रक्रिया में सहयोग करें


