उत्तराखंड में अग्निवीरों के लिए देश का पहला ‘री-एम्प्लॉयमेंट सेल’, मिलेगा रोजगार

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उत्तराखंड सरकार ने अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में देश का पहला अग्निवीर री-एम्प्लॉयमेंट सेल’ स्थापित किया जा रहा है। इससे प्रत्येक सैनिक के लिए रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। 

राज्यऔर स्थानीय प्रशासन

उत्तराखंड में अग्निवीरों के लिए देश का पहला ‘री-एम्प्लॉयमेंट सेल

अग्नवीर योजना को लेकर जारी विपक्षी  राजनीति को पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल ने निराधार, तथ्यहीन, गैरजरूरी और भ्रम फैलाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि दिसंबर-जनवरी मे आने वाले पहले दो बैच में सैन्य सर्विस से पास आउट लगभग 1200 अग्निवीरों के पुनर्रोजगार के लिए सेल ने तैयारी कर रहा है।

पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में उन्होंने अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए बनाए गए अपने तरह का देश के पहले विशेष सेल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंडियन आर्मी बहुत टेस्ट करके और टेस्टिंग का फ्यूचर में स्कोप रख करके कोई भी योजना शुरू करती है। ऐसी ही एक योजना है अग्निपथ, अग्निवीर योजना, जिसकी देश और देश की सेना को बहुत जरूरत थी।

सेल हर अग्निवीर को उचित रोजगार देने का प्रयास करेगा

साकारात्मक तरीके से अगर उसे देखा जाए तो आने वाले दिनों में ये पूरी तरह से सामने आ जाएगा। जब 25 फीसदी अग्निवीर सेना में रिटेन हो जाएंगे और 75 फीसदी स्किल्ड, ट्रेंड और अनुशासित मैनपावर समाज में आएगी।

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उसका कैसे उचित रोजगार में लगाया जाए, उसके लिए ही मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने काफी विचार विमर्श के बाद 17 जुलाई को राज्य में ‘अग्निवीर र्पुनर्रोजगार सेल’ स्थापित करने की घोषणा की है। जो सीधे तौर कर मुख्यमंत्री कार्यालय के अंतर्गत कार्य करेगा। इसके अतिरिक्त एक आर्मी के रिटायर्ड कर्नल, एक स्टेट गवर्नमेंट का अनुभवी अधिकारी के साथ विशेषज्ञ टीम होगी। ये सेल केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ कॉर्पोरेट्स ग्रुप से समन्वय बना करके हर अग्निवीर को उचित रोजगार देने का प्रयास करेंगे। 

राज्यऔर स्थानीय प्रशासन

योजना के तीन महत्वपूर्ण हिस्से

उन्होंने बताया कि इस योजना के तीन महत्वपूर्ण हिस्से हैं। एक तरफ है अग्निवीर, जो कि 4 साल पूरे करके आ रहा है। दूसरी तरफ है रोजगार देने वाली संस्थाएं। तीसरी तरफ होगा ये सेल जो हो गया जो अग्निवीर और रोजगार देने वाली संस्थाओं के बीच समन्वय का काम करेगा।

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उन्होंने बताया कि अग्निवीर के पास बहुत सारा एक्सपीरियंस हैं। लेकिन सिविल समाज में जब वो आएगा, तो उसके पास कुछ स्किल्स होनी चाहिए। उन स्किल्स को सर्टिफाई, उन स्किल्स को ट्रेन करने का काम भारतीय सेना कर रही है।

अग्निवीर के पहले बैच को सेल रिसीव करने को तैयार

उसी तरह रोजगार देने वाले में सेंट्रल गवर्नमेंट के पैरामिलिट्री फोर्सेस, असम राइफल्स, सेंट्रल गवर्नमेंट के कुछ और डिपार्टमेंट्स, स्टेट गवर्नमेंट के कुछ डिपार्टमेंट्स और कुछ कॉर्पोरेट्स। इसमें भी कॉर्पोरेट्स को लेकर, उन्हें किस प्रकार की योग्यता एवं दक्षता होगी, उसे कैसे पूरा किया जाए, उसपर हमारा फोकस होगा? अग्निवीरों और नियोक्ताओं के बीच समन्वय बनाने का नाम है’अग्निवीर री-एम्प्लॉयमेंट सेल’।

उन्होंने आगे कहा कि अगले 5 महीने में बाद 31 दिसंबर को जब अग्निवीर का पहला बैच आएगा, उसे पूरी तैयारी के साथ में रिसीव करने के लिए सेल को तैयार किया जा रहा है। इसमें कुछ लड़के ऐसे भी होंगे जो आगे पढ़ाई करना चाहते हैं, कुछ लड़के ऐसे होंगे जो सेल्फ एम्प्लॉयमेंट में जाना चाहते हैं।

अग्निवीर आर्मी का पहला बैच 31 दिसंबर को होगा आउट

उनको लेकर भी अग्निवीर का यह सेल कार्रवाई करेगा। उन्होंने जानकारी दी कि 4 साल पूरे करने के बाद में, अग्निवीर आर्मी का जो पहला बैच है, वो 31 दिसंबर को आउट हो रहा है।

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उसके एक महीने उनका साइलेंट पीरियड में रहेगा और फिर उनको फीसदी को वापस रिटेन कर लिया जाएगा। इसी तरह दूसरा बैच 31 जनवरी को आ रहा है। तो कुल मिलकर उत्तराखंड के ही लगभग 1200 से अधिक अग्निवीर आने वाले हैं। इससे पहले इंडियन नेवी के अग्निवीरों का पहला बैच 21 नवंबर को पास आउट होगा जिसमें संख्या कम है, उन्हें भी व्यवस्थित किया जाएगा।

विपक्ष के आरोपों को बताया निराधार

वहीं उन्होंने विपक्ष एवं कांग्रेस द्वारा अग्नवीर योजना को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया। उन्होंने आग्रह किया कि राष्ट्रहित के इस मुद्दे पर सभी लोगों को दलगत  राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। इस दूरदर्शी और प्रभावी योजना को लेकर जिस तरह की भ्रम और झूठ फैलाने की कोशिश विपक्ष द्वारा की जा रही है वो सफल नहीं होने वाली है। देश की जनता को भारतीय सेवा और प्रधानमंत्री मोदी पर पूरा विश्वास है और उनका ये भरोसा शीघ्र ही धरातल पर सबको साकार होता नजर आ जाएगा।

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